कुकरबिटेसी परिवार के फ़लॊं के साथ हमारे ग्रामीण जीवन में जो बाते कही जाती है उनका बयान मै यहां कर रहा हूं अमूमन सब्जियों में इन फ़लों का प्रयोग किया जाता है !

मेरी मां ने आज एक कद्दू और चाकू को देकर मुझसे कहां इसमे चाकू लगा दो या काट दो ! मेरे लिये ये कोई विस्मयकारी बात नही थी ! उन्होने मुझे कभी कोई अन्य सब्जी या फ़ल काटने के लिये नही कहा, ये सिलसिला बचपन से चला आ रहा और जब भी कद्दू की तरकारी (सब्जी) घर में बननी होती तो मां कद्दू और हसिया या चाकू मेरे सामने रख देती ।

जब-जब मैने इसकी वज़ह जानना चाहा तो वही चिरपरिचित जवाब मिला जो वो हमेशा मुझे बताती रही, कि इस फ़ल को पुत्र के समान माना जाता है और इसे सीताफ़ल कहते है! इसलिये कोई मां इस फ़ल में चाकू नही लगाती है !

हम भारतीय है हमें अपनी हर परंपरा पर फ़क्र होना चाहिये और उसके मायने निकालने की कोशिश करनी चाहिये !

बात चली है कुकरबिटेशी फ़ैमली की तो एक वाकया और याद आ गया मेरे एक चाचा है जो मेरे साथ अध्यापन कार्य भी करते है बड़े खुशमिज़ाज़ व्यक्तितत्व के मालिक है हसांना और लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाना उनका मुख्य उद्द्वेस होता है जब वह किसी से बात करते है !

उन्होने अपने अंदाज में एक राज़ जाहिर किया जो औरत और कुकुरबिटेसी फ़ैमिली से संबधित है ये उनका अपना शोध है और उसका कापीराईट भी उन्ही के पास है इस लिये महिला संगठन मुझे माफ़ करे ! और किसी शिकायत के लिये उन्ही से संपर्क करे !!!!!!!!!

तो उन्होने अपने शोध की किस्सागोई कुछ इस तरह से की मामला किसी औरत का था और चर्चा मेम उन्हे मौका मिल गया अपने बेह्तरीन अनुभव को जाहिर करने का वैसे कुछ अलग सी बात कहने की फ़िराक में वे हमेशा रहते है!

बोले भैया औरतों को कुकुरबिटेसी फ़ैमिली का समझो जहां भी सहारा मिला लिपट गई फ़िर भैया वह यह नही देखती जिस पर उन्हे लिपटना है वह चन्दन है या बेर या फ़िर बबूल, तभी स्कूल की खिड़की से बाहर गन्ने के खेत में एक काटेंदार बेर से Cucurbita pepo यानी कुकुरबिटेसी परिवार की तोरई लिपटी  हुई दिखाइ दी!! अब आप सब इससे किस तरह इत्तफ़ाक रखते है आप जाने और महादेव जाने !!! ——–मुझे माफ़ करे!

कृष्ण कुमार मिश्र

मैनहन-२६२७२७

भारत

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